मेरा वजुद*मुहम्मदअली ”वफा”

 

 

मेरे वजूद का वाहेमा– मुहम्मदअली वफा

copy-of-ali40.jpgकुछ भी नही हम, फीर भी हमारे होनेका है वाहेमा
वक्त के सांचेमें एक दिन पीस जायेगी ये दास्तां

तू क्या तेरी नक्सी हकीकत का तीलस्म तूट जायेगा
राज़ादार भी है ये आईना चूप भी रहेगा आयना

Responses

  1. [...] ए मेरे वजूदका वाहेमा-मुहम्मदअली भैडु… [...]


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